चरण 1: सही जन्म विवरण
सब कुछ आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से शुरू होता है। जन्म स्थान से अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र की जानकारी मिलती है; जन्म समय से आपका लग्न और चंद्रमा का सटीक अंश तय होता है। यदि आपको अपने जन्म समय का पूरा भरोसा नहीं है, तो अपने पास मौजूद सबसे भरोसेमंद रिकॉर्ड का उपयोग करें—जैसे अस्पताल का प्रमाणपत्र या परिवार की जन्मपत्री। यह भी ध्यान रखें कि थोड़ी-सी गलती से सबसे ज़्यादा लग्न और भावों की स्थिति बदल सकती है।
GrahaNow पाराशरी परंपरा का पालन करते हुए लाहिरी अयनांश के साथ निरयण राशिचक्र से ग्रह-स्थितियों की गणना करता है।
चरण 2: आपकी कुंडली
कुंडली पेज आपकी जन्म कुंडली को उत्तर भारतीय शैली में दिखाता है। इस हीरे जैसी बनावट में ऊपर बीच का खाना हमेशा पहला भाव होता है। उसमें आपकी लग्न राशि का नाम होता है और वहीं से भाव घड़ी की उलटी दिशा में आगे बढ़ते हैं—हर भाव में एक राशि। किसी खाने में दिखाई देने वाले ग्रह आपके जन्म के समय उसी भाव में थे।
कुंडली के नीचे दी गई तालिका में हर ग्रह की राशि, भाव, अंश और गति दिखाई गई है। ‘वक्री’ का अर्थ बस इतना है कि उस समय पृथ्वी से देखने पर ग्रह पीछे की ओर चलता दिखाई दे रहा था; यह हर कुंडली का सामान्य हिस्सा है। शुरुआत में तीन चीज़ें खोजिए: आपका लग्न, आपकी चंद्र राशि और आपका लग्नेश किस भाव में बैठा है।
चरण 3: आपके भाव
भाव पेज सभी बारह भावों के बारे में बताता है। इसमें हर भाव की राशि, उसमें बैठे ग्रह और वह जीवन के किस क्षेत्र से जुड़ा है—इसकी छोटी-सी जानकारी दी गई है। जिन भावों में कई ग्रह हों, वे अक्सर जीवन के ऐसे क्षेत्र होते हैं जिनमें ज़्यादा हलचल रहती है या जो ज़्यादा अहम लगते हैं; खाली भावों को उनकी राशि और स्वामी के आधार पर पढ़ा जाता है—उनका अर्थ यह नहीं कि जीवन में कुछ कमी है।
चरण 4: आपकी दशा
दशा पेज आपकी विंशोत्तरी दशाएँ दिखाता है: अभी चल रही महादशा, उसकी वर्तमान अंतर्दशा, हर दशा कब समाप्त होगी और आगे का पूरा क्रम। एक अच्छी आदत यह है कि आप देखें कि वर्तमान महादशा का स्वामी आपकी कुंडली में किन भावों का स्वामी है और किस भाव में बैठा है; उस दौरान जीवन के यही क्षेत्र ज़्यादा उभरकर आते हैं।
चरण 5: अभी क्या ज़रूरी है
‘अभी क्या ज़रूरी है’ आपकी जन्म कुंडली को आपकी वर्तमान दशा और आज की ग्रह-स्थितियों के साथ मिलाकर देखता है, फिर जीवन के उन कुछ क्षेत्रों को चुनता है जो सबसे ज़्यादा उभरकर दिखते हैं, और साथ में बताता है कि यह संकेत दशा से आ रहा है, गोचर से या दोनों से। हर सप्ताह की शुरुआत इसी से करना अच्छा रहता है। किसी भी उभरे हुए क्षेत्र को लेकर आप ‘GrahaNow से पूछें’ में आगे सवाल भी पूछ सकते हैं कि आप उसके बारे में और क्या समझना चाहते हैं।
चरण 6: दैनिक पंचांग
पंचांग पेज आपके शहर या आपके चुने हुए किसी भी स्थान के लिए आज की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण दिखाता है। इसके लिए आपकी जन्म कुंडली की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है, साइन इन करके या बिना साइन इन किए। सुबह एक नज़र डालकर देखिए कि दिन किस तिथि और नक्षत्र से शुरू हो रहा है और ये कब बदलते हैं।
व्याख्या के बारे में एक बात
कुंडली बहुत कुछ बताती है, लेकिन कोई एक स्थिति पूरी कहानी नहीं कहती। सभी पेजों को साथ-साथ पढ़िए, बार-बार सामने आने वाले विषयों पर ध्यान दीजिए और जो कुछ आपको मिले, उसे आत्मचिंतन के लिए मार्गदर्शन मानिए, कोई अटल भविष्यवाणी नहीं। स्वास्थ्य, धन, कानून या सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए हमेशा किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें।