नमूना मांगलिक रिपोर्ट
सशुल्क मांगलिक रिपोर्ट का एक काल्पनिक उदाहरण, ताकि खरीदने से पहले आप देख सकें कि इसमें क्या-क्या शामिल है।

काल्पनिक व्यक्ति की नमूना रिपोर्ट। यह किसी वास्तविक ग्राहक की कुंडली नहीं है।
आशा (काल्पनिक) · जन्म 14 मार्च 1996, सुबह 6:40, कोच्चि
8 पेज · पढ़ने में लगभग 2 मिनट
मांगलिक: आंशिक
मंगल कम से कम एक आधार से मांगलिक भाव में है, लेकिन लग्न से नहीं, या कोई सामान्य परिहार लागू होता है। कई परंपराएँ इसे हल्का प्रभाव मानती हैं। मंगल कर्क में है।
| किससे गिना गया | मंगल का भाव | परिणाम |
|---|---|---|
| लग्न | 4 | मांगलिक भाव, परिहार लागू |
| चंद्र | 1 | मांगलिक भाव, परिहार लागू |
| शुक्र | 6 | मांगलिक भाव नहीं है |
लागू परिहार
- बृहस्पति की दृष्टि मंगल पर है
मांगलिक होना आम बात है और मिलान में यह केवल एक पारंपरिक कारक है। इससे न तो किसी व्यक्ति के मूल्य के बारे में कुछ पता चलता है, न इस बारे में कि विवाह कैसा रहेगा। जब दोनों कुंडलियाँ मांगलिक हों, तो परंपरा उन्हें अच्छा मेल मानती है।
भाव पूर्ण राशि पद्धति से गिने जाते हैं। परंपराएँ अलग-अलग हैं; पूरी रिपोर्ट में हमारे नियम दिए गए हैं।
आपका परिणाम
आपकी कुंडली आंशिक रूप से मांगलिक है। मंगल आपके लग्न से चौथे भाव में और चंद्र से पहले भाव में है—दोनों मांगलिक भाव हैं। मंगल पर बृहस्पति की दृष्टि है, जिसे सबसे अधिक मान्य परिहारों में से एक माना जाता है। इसलिए कई परंपराएँ आपकी कुंडली के मांगलिक दोष को निरस्त या हल्का मानती हैं।
लग्न, चंद्र और शुक्र से मंगल
मेष लग्न से मंगल कर्क राशि में चौथे भाव में है, जिसका संबंध घर-परिवार और मन की संतुष्टि से है। आपका चंद्र भी कर्क राशि में है, इसलिए चंद्र से मंगल पहले भाव में है; इससे सीधा और ऊर्जावान स्वभाव दिख सकता है। कुंभ राशि में स्थित शुक्र से मंगल छठे भाव में है, जो मांगलिक भाव नहीं है।
परिहार
वृश्चिक में स्थित बृहस्पति की नवम दृष्टि मंगल पर पड़ती है। परंपरा के अनुसार बृहस्पति की दृष्टि मंगल के प्रभाव को शांत करती है, इसलिए आपकी कुंडली में दोनों मांगलिक स्थितियाँ परिहारयुक्त मानी जाती हैं।
समय
आपकी मंगल महादशा 2031 से 2038 तक चलेगी। ज्योतिषी मंगल की दशा को अधिक ध्यान से देखते हैं, लेकिन यह डरने का समय नहीं है; यह अक्सर ऊर्जा और पहल लेकर आती है।
मिलान के लिए मार्गदर्शन
कुंडली मिलाते समय यह रिपोर्ट अपने साथी के विवरण के साथ अपने ज्योतिषी को दिखाएँ। जब दोनों साथी मांगलिक हों, तो परंपरा इस मिलान को संतुलित मानती है। कुंडली मिलान में आप दोनों का गुण अंक और मांगलिक स्थिति दिखाई जाती है।
आपकी कुंडली का विवरण
नीचे दी गई सारी जानकारी आपके जन्म विवरण से गणना करके निकाली गई है। यही ऊपर दिए गए फलादेश का आधार है और इसे किसी भी ज्योतिषी को दिखाया जा सकता है।
जीवन की समय-रेखा (महादशाएँ)
- शनि1983
- बुध2002
- केतु2019
- शुक्र2026आप यहाँ हैं
- सूर्य2046
- चंद्रमा2052
- मंगल2062
- राहु2069
- बृहस्पति2087
लग्न, चंद्र और शुक्र से मंगल
| विषय | भाव | मांगलिक भाव | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| लग्न | 4 | हाँ | jupiter aspect |
| चंद्रमा | 1 | हाँ | jupiter aspect |
| शुक्र | 6 | नहीं |
जन्म विवरण
- लग्न
- मेष 6.20°
- चंद्र राशि
- कर्क
- नक्षत्र
- पुष्य 3
- नक्षत्र स्वामी
- शनि
- सूर्य राशि
- कुंभ
- वर्ण
- ब्राह्मण
- वश्य
- जलचर (जल)
- योनि
- मेष (भेड़)
- गण
- देव
- नाड़ी
- मध्य
- जन्म के समय महादशा
- शनि
- अयनांश
- लाहिरी
ग्रहों की स्थिति
| ग्रह | राशि | अंश | नक्षत्र | भाव | बल | स्वामी (भाव) | टिप्पणी |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | कुंभ | 29.60° | पूर्वा भाद्रपद 3 | 11 | शत्रु राशि | 5 | |
| चंद्रमा | कर्क | 12.40° | पुष्य 3 | 4 | स्वराशि | 4 | |
| मंगल | कर्क | 3.10° | पुनर्वसु 4 | 4 | नीच | 1, 8 | |
| बुध | कुंभ | 8.20° | शतभिषा 1 | 11 | सम राशि | 3, 6 | |
| बृहस्पति | वृश्चिक | 24.70° | ज्येष्ठा 3 | 8 | मित्र राशि | 9, 12 | |
| शुक्र | कुंभ | 21.90° | पूर्वा भाद्रपद 1 | 11 | मित्र राशि | 2, 7 | अस्त |
| शनि | मीन | 4.50° | उत्तरा भाद्रपद 1 | 12 | सम राशि | 10, 11 | अस्त |
| राहु | कन्या | 27.30° | चित्रा 2 | 6 | छाया ग्रह | ||
| केतु | मीन | 27.30° | रेवती 4 | 12 | छाया ग्रह |
भाव
| भाव | राशि | स्वामी | स्वामी किस भाव में | ग्रह |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मेष | मंगल | 4 | — |
| 2 | वृषभ | शुक्र | 11 | — |
| 3 | मिथुन | बुध | 11 | — |
| 4 | कर्क | चंद्रमा | 4 | चंद्रमा, मंगल |
| 5 | सिंह | सूर्य | 11 | — |
| 6 | कन्या | बुध | 11 | राहु |
| 7 | तुला | शुक्र | 11 | — |
| 8 | वृश्चिक | मंगल | 4 | बृहस्पति |
| 9 | धनु | बृहस्पति | 8 | — |
| 10 | मकर | शनि | 12 | — |
| 11 | कुंभ | शनि | 12 | सूर्य, बुध, शुक्र |
| 12 | मीन | बृहस्पति | 8 | शनि, केतु |
कुंडली के योग
| नाम | ग्रह | भाव | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| बुधादित्य योग | सूर्य, बुध | 11 | |
| चंद्र-मंगल योग | चंद्रमा, मंगल | 4 | |
| मंगल का नीचभंग | मंगल, चंद्रमा | 4 | |
| विमल योग | बृहस्पति | 8 | |
| राजयोग | चंद्रमा, मंगल | 4 | |
| राजयोग | शुक्र, सूर्य | 11 | |
| धन योग | शुक्र, सूर्य | 11 | |
| अधि योग | बुध, शुक्र | 11 | आंशिक |
विंशोत्तरी महादशाएँ
| ग्रह | कब से | कब तक |
|---|---|---|
| शनि | 13 अप्रैल 1983 | 12 अप्रैल 2002 |
| बुध | 12 अप्रैल 2002 | 13 अप्रैल 2019 |
| केतु | 13 अप्रैल 2019 | 12 अप्रैल 2026 |
| शुक्र | 12 अप्रैल 2026 | 12 अप्रैल 2046 |
| सूर्य | 12 अप्रैल 2046 | 12 अप्रैल 2052 |
| चंद्रमा | 12 अप्रैल 2052 | 12 अप्रैल 2062 |
| मंगल | 12 अप्रैल 2062 | 12 अप्रैल 2069 |
| राहु | 12 अप्रैल 2069 | 13 अप्रैल 2087 |
| बृहस्पति | 13 अप्रैल 2087 | 14 अप्रैल 2103 |
शुक्र महादशा की अंतर्दशाएँ
| ग्रह | कब से | कब तक | स्वभाव |
|---|---|---|---|
| शुक्र | 12 अप्रैल 2026 | 12 अग॰ 2029 | अभी चल रही |
| सूर्य | 12 अग॰ 2029 | 12 अग॰ 2030 | अनुकूल |
| चंद्रमा | 12 अग॰ 2030 | 12 अप्रैल 2032 | सावधानी रखें |
| मंगल | 12 अप्रैल 2032 | 12 जून 2033 | सावधानी रखें |
| राहु | 12 जून 2033 | 12 जून 2036 | सावधानी रखें |
| बृहस्पति | 12 जून 2036 | 11 फ़र॰ 2039 | अनुकूल |
| शनि | 11 फ़र॰ 2039 | 12 अप्रैल 2042 | अनुकूल |
| बुध | 12 अप्रैल 2042 | 10 फ़र॰ 2045 | अनुकूल |
| केतु | 10 फ़र॰ 2045 | 12 अप्रैल 2046 | अनुकूल |
सूर्य महादशा की अंतर्दशाएँ
| ग्रह | कब से | कब तक |
|---|---|---|
| सूर्य | 12 अप्रैल 2046 | 31 जुल॰ 2046 |
| चंद्रमा | 31 जुल॰ 2046 | 29 जन॰ 2047 |
| मंगल | 29 जन॰ 2047 | 6 जून 2047 |
| राहु | 6 जून 2047 | 30 अप्रैल 2048 |
| बृहस्पति | 30 अप्रैल 2048 | 16 फ़र॰ 2049 |
| शनि | 16 फ़र॰ 2049 | 29 जन॰ 2050 |
| बुध | 29 जन॰ 2050 | 6 दिस॰ 2050 |
| केतु | 6 दिस॰ 2050 | 13 अप्रैल 2051 |
| शुक्र | 13 अप्रैल 2051 | 12 अप्रैल 2052 |
शुक्र अंतर्दशा की प्रत्यंतर दशाएँ
| ग्रह | कब से | कब तक |
|---|---|---|
| शुक्र | 12 अप्रैल 2026 | 1 नव॰ 2026 |
| सूर्य | 1 नव॰ 2026 | 1 जन॰ 2027 |
| चंद्रमा | 1 जन॰ 2027 | 13 अप्रैल 2027 |
| मंगल | 13 अप्रैल 2027 | 23 जून 2027 |
| राहु | 23 जून 2027 | 22 दिस॰ 2027 |
| बृहस्पति | 22 दिस॰ 2027 | 1 जून 2028 |
| शनि | 1 जून 2028 | 11 दिस॰ 2028 |
| बुध | 11 दिस॰ 2028 | 2 जून 2029 |
| केतु | 2 जून 2029 | 12 अग॰ 2029 |
कृपया ध्यान दें
यह नमूना काल्पनिक है और केवल उदाहरण के लिए है। ज्योतिष एक पारंपरिक विद्या है; इस रिपोर्ट को परिवार में बातचीत के लिए एक आधार मानें, अपने-आप में अंतिम निर्णय नहीं।
काल्पनिक व्यक्ति की नमूना रिपोर्ट। यह किसी वास्तविक ग्राहक की कुंडली नहीं है।
सनातन ज्योतिष। आज की स्पष्टता।
सटीकता, संयम और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत पारंपरिक ज्योतिष।